शुक्रवार, 7 मार्च 2025

मैं एक नारी हूँ…….

मैं यीशु के कृपा की नारी हूँ

परमेश्वर के हृदय से रची गई हूँ

सुंदरता का मुकुट पहनती हूँ

जो कभी नही मिटेगा।


मैं दबोरा की तरह साहसी और वीर हूँ

विश्वास की लड़ाई में थमती नहीं हूँ

मेरी वाणी में कोमलता है

परमेश्वर के मार्गों पर चलती हूँ।

क्योंकि मैं एक नारी हूँ…….


रूथ जैसी मेरी निष्ठा अडिग है

पतिव्रता और प्रेम में स्थिर हूँ

मैं सेवा में तत्पर रहती हूँ

हर पल यीशु को मान देती हूँ।

क्योंकि मैं एक नारी हूँ…….


एस्तेर की तरह समय पर उठ खड़ी होती हूँ,

साहस के साथ अन्याय के विरुद्ध लड़ती हूँ

कमज़ोरों का हाथ थामती हूँ

मेरी आत्मा में शांति बसी है।

क्योंकि मैं एक नारी हूँ…….


आज, मैं खुद का सम्मान करती हूँ

क्योंकि मैं परमेश्वर की रचना हूँ

परमेश्वर की योजना का एक हिस्सा

और उनकी अद्भुत संतान हूँ।

क्योंकि मैं एक नारी हूँ…….


Written By Suresh Gavit ✍️ [जीवन संघर्ष]




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