गुरुवार, 2 दिसंबर 2021

यदि हमारे पास बाइबिल नही होता, तो हमारा मसीही विश्वास कैसा रहता ?

 क्या आपने कभी सोचा है कि मसीही विश्वास कितना अलग होता यदि हमारे पास बाइबल नहीं होती? अगुवे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक शिक्षाओं को पारित करते जाते, लेकिन उनके विचारों का मूल्यांकन करने के लिए कोई तरीका नहीं होता, कोई ऐसा मानक नहीं होता जिसे द्वारा भिन्न विचारों के बीच सहीं गलत का फैसला किया जा सके।

यह परिस्थिति कुछ वैसी ही होती जैसी मूसा के दिनों में बहुत से इस्राएलियों की थी। उनके पूर्वजों ने अतिप्राचीन इतिहास, कुलपिताओं और उनसे जुडी सारी कहानियों को उन्हें बताया था और यह भी, कि किस तरह परमेश्वर ने इस्राएल को मिस्र से छुटकारा दिया, उन्हें अपनी व्यवस्था दी, और प्रतिज्ञा किए हुए देश की ओर उनकी अगवाई की। लेकिन प्रश्न यह उठ रहे थे कि इस्राएल की वर्तमान परिस्थितियों, और भविष्य के लिए परमेश्वर की क्या योजना है, और इस बारे में उनके विश्वास को किस दिशा में बढ़ना था? इन विषयों पर अलग-अलग विचार मौजूद थे और उन्ही विचारों के बीच उन्हें  फैसला लेना था, परन्तु कैसे? इन्ही सब प्रश्नों का उत्तर देने हेतु परमेश्वर ने बाइबल की पहली पांच पुस्तकों को उन्हें दिया जो उनके विश्वास के मानक या मापदंड के रूप में इस्तेमाल की जा सके। आज उन्ही पुस्तकों को हम पेन्टाट्यूक के नाम से जानते हैं।

क्या आज हमारा ध्यान यीशु की बातों पर है?

        आज हमारा ध्यान यीशु की बातों पर नहीं लेकिन इस दुनिया में क्या हो रहा है उन बातो पर लगा हुआ है,
हम ये भूल ही गए है कि हमें यीशु ने जिंदगी दी है तों हमें उसकी और ध्यान देना जरुरी है|
        यदि समस्या आ गई तों कभी कभी हम भूल ही जाते है कि यीशु मसीह चंगा भी कर सकता है और हम बाबाओं के पास घूमते रहते है|

इसीलिए मेरे प्यारे भाई और बहनों 
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PART - 2 - परमेश्वर की इच्छा को जानने में आनेवाली बाधाएँ या रूकावटे?





 

PART - 1 - परमेश्वर की इच्छा को कैसे जान सकते है?





 

ईसु देवे आमे आरी रोहे

 


ईसु देवे आमे आरी रोहे
कोहडाज कमी नाय हेये
वाटे मे चालता आरी रोहे
धाके आमी नाय हेये

दुःखा दिह्यामे ईसु आरी हेये
मा जीवामे ईसु आरी रोहे
आरी रोहे ईसु, आरी रोहे 
मा जिवामे ईसु आरी रोहे

वचनामे चाला ईसु आरी हेये
मा मनामे ईसु आरी रोहे
आरी रोहे ईसु, आरी रोहे 
मा मनामे ईसु आरी रोहे

आज जवान भाई किसके दीवाने है?

 

आज हमें इन दिवानों के बारे में दुनिया क्या कहती है?

आज हम इस दुनिया में देखते है कि बहुत से भाई और बहने व्हाटसप्प ( WHATSAPP ) के दीवाने हो गए है।

 
कोई कोई लोग तो दिन रात उसमे ही डूबे रहते है। आज दुनिया में कोई ऐसे भी लोग है जो शराब के दीवाने हो गए है। उनका दिमाक ऐसी बातो में फँस चूका है कि वहाँ से उनको निकल पाना बहुत ही मुश्किल बात लगती है। हम ऐसे बहुत से बातो के दीवाने है जैसे उदाहरण के तौर पर .....व्हाटसप्प ( WHATSAPP ), फेसबुक (FACEBOOK), इन्स्टाग्राम (INSTAGRAM),  सोनू सूद,  सलमान खान, शाहरुख़ खान, कैटरीना कैफ, दीपिका पादुकोण, शराब (ALCOHOL), गुस्सा,  गुंडागिरी और CALLING.  इस दुनिया के लोग तो ज्यादा सोचते नही लेकिन जो कुछ चल रहा है उसमे वैसा ही करने में व्यस्त है। उनको मालुम ही नहीं है कि हम क्या कर रहे है,  ऐसा ही करते रहेंगे तो अंत में हमारा क्या होगा उसकी किसी को चिंता ही नही है।

आज हम किसके दीवाने है? 

आज हमें इन दिवानों के बारे में बाइबिल क्या कहती है?

बाइबिल ऐसे बहुत से उदाहरण हमें बताता है। बाइबिल में ऐसे बहुत से मनुष्य है उसमे से आज हम दानियेल, पौलुस, येशु के शिष्य, मुसा के बारे में देखेंगे कि वो किसके दीवाने थे

  1.  दानियेल प्रार्थना और पवित्रता का बहुत ही बड़ा दीवाना था। जब हम उसके जीवन को देखते है तो वो दिन में तीन बार प्रार्थना करनेवाला साधारण सा मनुष्य था जब राजा ने हुकुम किया तब भी उसने अपने परमेश्वर को प्रार्थना करना ना छोड़ी, इसी से हमे मालुम हो जाता है कि वो कितना प्रार्थना के प्रति दीवाना था। इतना ही नही लेकिन जब राजा ने हुकुम चलाया कि नबूकदनेस्सर राजा कि बनाई हुई सोने कि मूरत के आगे जो नहीं झुकेगा उसको अग्नि भट्टी में डाल दिया जायेगा। वहाँ भी दानियेल और उसके मित्रों ने राजा की आज्ञा ना मानकर अपने आपको अपवित्र नही किया। लेकिन वहाँ भी परमेश्वर कि आज्ञा मानकर ना झुके। इससे साफ पत्ता चल जाता है कि वो पवित्रता के बहुत ही दीवाने थे
  2. पौलुस कलीसिया स्थापित करने का बहुत ही बड़ा दीवाना था। जिस किसी भी गावं या शहर में जाता था वहाँ पौलुस कलीसिया स्थापित करने के बारे में अगुवों को सिखाता था और किसी को नियुक्त करके वहाँ से दुसरे शहर में चला जाता था
  3. येशु के शिष्य उसके पीछे चलने के लिए दीवाने थे। 
  4. मुसा नम्र बनकर परमेश्वर का दीवाना था।


आज हम किसके दीवाने है?
 
क्या  व्हाटसप्प (WHATSAPP), फेसबुक (FACEBOOK),  इन्स्टाग्राम ( INSTAGRAM),  शराब (ALCOHOL), दीपिका पादुकोण, सोनू सूद, सलमान खान, शाहरुख़ खान, कैटरीना कैफ, CALLING के दीवाने है? 
 
 
 
यदि आज हम ऐसी बातो के दीवाने है तो आनेवाले दिनों में हमारी परिस्थिती बहुत ही बेकार हो जाएगी। इसीलिए आज ही  हमें येशु  का दीवाना बनकर अपने जीवन को पवित्र बनाकर जीवन जीना है। उसके साथ साथ हमें नम्र बनकर प्रार्थना करना है। जहाँ कही भी मौका मिलता है, हमें पौलुस की तरह कलीसिया स्थापित करना चाहिए। तब ही हम उस स्वर्ग में जाने के योग्य होंगे।नही तो हम हाय हाय करते नरक की अग्नि में सीधे चले जायेंगे।
इसीलिए हमें ध्यान से देखना है कि हम किसके दीवाने है। उसके साथ साथ हमें ध्यान से देखना है कि हम कैसी चाल चलते है।

🛐तूफानों में भी येशु मसीह हमारे साथ है🛐

 

तूफान / तनाव से भरा हुआ जीवन


1. लोग कहते है
जिंदगी तूफानों से भरी है,
जिंदगी समस्याओं से भरी है,
जिंदगी मुश्किलों से भरी है।

लेकिन मेरा परमेश्वर कहता है,
यदि हम हमारा देखने का नज़रिया बदलेंगे तो 
जिंदगी हर तूफानों में खुशियों से भरी है। 


2. ये मायने नही रखता की 
हमारे जीवन मे क्या चल रहा है।
लेकिन ये मायने रखता है की 
हमारे जीवन मे जो भी चल रहा है, 
वहाँ परमेश्वर हमारे साथ है।


3. हम तो किसी को ज़बान देकर 
यु ही बदल जाते है
लेकिन 
हमारा यीशु वचन देता है तो 
उस वचन से कभी भी नही बदलता 
जैसे कि, लिखा है आज, कल 
और युगानुयुग एक जैसा ही रहेगा।


इसीलिए यदि हमारा जीवन तूफानों से भरा हुआ है, तो भी डरना मत पानी पर चलकर तूफानों को शांत करनेवाला येशु मसीह हमारे साथ है। 

येशु पर विश्वास करके शांति से भरा परिवार


येशु सब तुफानों को युही हटा देगा, लेकिन हमें सिर्फ येशु मसीह पर ही विश्वास करना पड़ेगा। तो ही होगा नही तो कुछ भी नही होगा। इसीलिए विश्वास करते रहिए वो खुदा है जो हमारा उद्धारकर्ता है और वही समय पर सब तुफानों को शांत करेगा।

🙏येशु के बिना स्वर्ग नहीं मिलेगा🙏

 ईसु गुरु देवे, ख्रिस्त गुरु देवे

ईसु गुरु देवे, ख्रिस्त गुरु देवे ईसु वाची होरगो नाय मिळे मा बाहा-बोअही ईसु देवावाची माफी नाये हेये बादा गुनाहा माफी त्याहीज हेये ईसु वाची माफी नाय मिळे मा बाहा-बोअही ईसु देवा वचन वोनाय लेजा ईसु देवा वे विश्वास कोअजा ईसु वाची तारण नाय मिळे मा बाहा-बोअही ईसु देवावाची जीवन नाये ईसु देवे आपे अनंत-जीवने ईसु वाची जीवन नाय मिळे मा बाहा-बोअही









✹घमंड करना छोड़कर नम्र बने रहो ✹

 आज कल लोग स्टेटस देखकर बात करते है।

लेकीन हमे लोगो का स्टेटस देखकर बात करना पसंद नही है।

क्योकि येशुने लोगो का स्टेटस नही देखा , 
लोगो का दिल देखकर बात की। स्टेटस मत देखो उन लोगो के अंदर के दिल को देखो येशु नजर आयेगा।

क्योंकि जिस स्टेटस (परिस्थिती) मे वो है उसी मे से येशुने हमको भी निकाला है। यदी उसी मे घमंड करते रहोगे तो शायद पहले जैसी परिस्थिती फिर से हो जाएगी।



क्योंकि बाईबिल कहता है की घमंड आने से पहले गिरना चालु हो जाता है। नीतिवचन 16:18.

इसीलिए घमंड मत करना लेकिन अपने आप को दिन प्रतिदिन नम्र बनाते रहना।